गवर्नमेंट ऑफ इंडिया एक्ट, 1858.

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गवर्नमेंट ऑफ इंडिया एक्ट, 1858 के द्वारा कंपनी का शासन समाप्त हो गया एवं ब्रिटिश क्राउन (साम्राज्ञी) द्वारा शासन की बागडोर संभाल ली गयी ! 1858 के अधिनियम को एक्ट फॉर द बेटर गवर्नमेंट ऑफ इंडिया नाम से पारित किया गया था 1858 में भारत का प्रशासन साम्राज्ञी द्वारा नियुक्त 15 सदस्यीय एक परिषद को सौंपा गया। इस परिषद का अध्यक्ष मुख्य राज्य सचिव या भारत राज्य सचिव के नाम से जाना जाता था राज्य सचिव को इस समय डायरेक्टर्स के बोर्ड तथा नियंत्रण बोर्ड, दोनों की संयुक्त शक्तियां मिल गयीं। राज्य सचिव की 15 सदस्यीय परिषद में सदस्यों की नियुक्ति ब्रिटिश क्राउन (8 सदस्य ), डायरेक्टर्स के बोर्ड (7 सदस्य ) करता था लॉर्ड स्टैनली को निदेशक मंडल का अंतिम अध्यक्ष और भारत का प्रथम राज्य सचिव नियुक्त किया गया था भारत सचिव ब्रिटिश मंत्रिमंडल का सदस्य होता था। वह ब्रिटिश संसद के प्रति उत्तरदायी था गवर्नमेंट ऑफ इंडिया एक्ट, 1858 के पारित होने के समय ब्रिटिश प्रधानमंत्री लॉर्ड पामस्टर्न थे 

इस अधिनियम ने 1784 में पिट्स इंडिया एक्ट द्वारा स्थापित दोहरी शासन व्यवस्था को समाप्त कर दिया ! इस अधिनियम द्ववारा भारत का गवर्नर जनरल वायसराय बन गया, जो क्राउन का सीधा प्रतिनिधि था। यह पदनाम धारण करने वाला प्रथम व्यक्ति लॉर्ड कैनिंग था एक अधिनियम द्वारा भारत के देशी राजाओं के ब्रिटिश राज से सीधे संबंध 1858 में स्थापित किया गया ! लॉर्ड डलहोजी के साम्राज्य विस्तार का अंत 1858 के अधिनियम द्वारा किया गया तथा इस अधिनियम द्वारा भारत के शासन का क्षेत्रीय विभाजन किया गया था ! 



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