इंडियन कौंसिल एक्ट, 1892 ई.

एक टिप्पणी भेजें

राजकीय एवं प्रांतीय विधायी परिषदों के गैर-सरकारी सदस्यों के अप्रत्यक्ष चुनाव की शुरुआत 1892 के भारत परिषद अधिनियम द्वारा इस अधिनियम द्वारा हुई ! केन्द्रीय और प्रांतीय विधान परिषदों की सदस्य संख्या में वृद्धि की गयी। केन्द्रीय विधान परिषद में न्यूनतम और अधिकतम सदस्य संख्या क्रमशः 10 और 16 निर्धारित की गयी ! वार्षिक बजट पर बहस करने तथा प्रश्न पूछने का अधिकार इस अधिनियम द्वारा मिला, परंतु मत देने का अधिकार नहीं मिला ! दोनों परिषदों को बजट पर वाद-विवाद करने एवं कार्यकारिणी से प्रश्न पूछने का अधिकार दिया गया, परंतु पूरक प्रश्न पूछने का अधिकार नहीं मिला । इस अधिनियम का सबसे महत्वपूर्ण प्रावधान चुनाव पद्धति की शुरुआत करनी थी। निर्वाचित की पद्धति पूर्णतया अप्रत्यक्ष थी। निर्वाचित सदस्यों को मनोनीत कहा जाता था भारतीय विधानमंडल के सदस्यों को निर्वाचित नगरपालिकाएं, जिला बोर्ड, विश्वविद्यालय और वाणिज्य मंडल करता था


UPNRHM
UPNRHM.Org में आपका स्वागत है। यहाँ, UPNRHM का अर्थ हिंदी माध्यम में आवश्यकता के लिए उपयोगी व्यक्तिगत समाचार ( Useful Personal News for Requirment in Hindi Medium ) है और हम विभिन्न विषयों पर नवीनतम अपडेट प्रदान करते हैं। हम सभी प्रकार के समाचारों को कवर करते हैं जिनमें शामिल हैं: सामान्य ज्ञान, समाचार, शिक्षा, स्वास्थ्य , टेक, खेल, स्थानीय समाचार और वैश्विक समाचार।

Related Posts

एक टिप्पणी भेजें

SUBSCRIBE OUR UPNRHM